Fire Insurance क्या है?

What is Fire Insurance?

Fire Insurance एक प्रकार का Insurance है जो Policy Holder की Property, House या घर में आग लगने से हुए नुकसान की भरपाई करता है।

इस Policy में Insurance Company Property या House में आग लगने के कारण हुए नुकसान पर एक निश्चित राशि का भुगतान करता है Fire Insurance House, Shop, Business Factory, Building आदि के लिए समान रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह आग के कारण होने वाले नुकसान की भरपाई करता है, विशेष रूप से Industrial Unit, factory आदि में, जहां आग के Chances बहुत अधिक हैं। यह Policy Property की कीमत भी प्रदान करती है, जो Fire के कारण Damage हो जाती हैं। इस Policy में महत्वपूर्ण बात यह है कि Sudden Fire या Accidental Fire होना चाहिए। Property Loss का कारण आग होना चाहिए. खुद आग लगाने के Case में यह Policy नुकसान की भरपाई नहीं करेगी।

Type of Fire Insurance:

Fire Insurance में विभिन्न प्रकार की Policies हैं, कोई भी अपनी आवश्यकताओं के अनुसार Fire Insurance Policy चुन सकता है।

1. Valued Policy:

इस Policy में, Insurance Company Policy Holder को एक Fix Amount का भुगतान करने के लिए सहमत होती है। Policy Holder और Insurance Company के बीच पहले से ही विषय वस्तु के Amount पर सहमति है। Valued Policies Mostly कला, चित्र, मूर्तियां और अन्य ऐसी चीजों पर जारी की जाती हैं जिनका मूल्य आसानी से निर्धारित नहीं किया जा सकता है। हालांकि, एक Valued Policy के तहत देय राशि वास्तविक संपत्ति मूल्य से अधिक या कम हो सकती है।

2. Specific Policy:

यह Policy उस राशि तक भुगतान करती है जिसका Insurance किया जाता है। Fire के नुकसान के मामले में, Insurance Company उस नुकसान के लिए भुगतान करती है जो Specific Amount से कम या Sum Insured तक है। मान लीजिए 1,00,000 रुपये की Value की Property को Cover करने के लिए Policy ली जाती है। जब 60,000 रुपये तक की संपत्ति का नुकसान होता है तब 60,000 रुपये की राशि का भुगतान किया जाएगा। लेकिन, अगर नुकसान 1,00,000 रुपये से अधिक है तब Insurance Company Sum Insured तक का भुगतान ही करेगी।

3. Average Policy :

यह Policy जब एक Average Clause पर लागू होता है, तो इसे Average Policy कहा जाता है। इस का उपयोग Policy Holder को संपत्ति / Property के वास्तविक मूल्य से कम राशि (Under Insurance) के साथ पॉलिसी लेने के लिए दंडित करने के लिए किया जाता है। Policy का मूल्य बीमित संपत्ति से कम होने की स्थिति में मुआवजे की राशि Average रूप से कम हो जाती है। मान लीजिए कि आपके पास रुपये 2,00,000 का Fire Insurance है जबकि संपत्ति का मूल्य रु 3,00,000 है। आग लगने की स्थिति में रु. 15,00,000 का नुकसान होने पर Insurance Company आपको रु. 10,00,000 का भुगतान ही करेगी (2,00,000/3,00,000 x 15,00,000) 15,00,000 रुपये का नहीं। यह Policy, Policy Holder को कम मूल्य वाली पॉलिसी लेने के लिए दण्डित करता है।

4. Floating Policy:

Floating Policy में आग के नुकसान के खिलाफ विभिन्न स्थानों / स्थानों पर स्थित Property शामिल है। ऐसी Policy आमतौर पर एक Businessman/Shopkeeper/Manufacturer द्वारा ली जाती है जिसका माल Godown/Shop/Factory आदि में Store किया जाता है।

5. Comprehensive Policy:

एक Comprehensive Policy को एक ऐसी Policy के रूप में जाना जाता है जिसमें कई तरह के Risk जैसे आग/Fire, हड़ताल/Strike, युद्ध/War, लूट/Burglary आदि से होने वाले नुकसान शामिल होते हैं।

6. Replacement Policy:

इस Fire Policy में, Insurance Company Damage, क्षतिग्रस्त या नष्ट की गई संपत्ति के Replacement की लागत का भुगतान करने का वचन देता है। Insurance Company नकद में भुगतान करने के बजाय संपत्ति को Replace कर सकता है। हालांकि, नई संपत्ति उसी के समान होनी चाहिए जो Damage हुई है।

Fire Insurance Coverage के कुछ General Coverage नीचे दिए गए हैं-

  • Lightening
  • Explosion/Implosion
  • Storm, Typhoon, Hurricane, Tornado, Flood and Inundation
  • Riots, STrike, Malicious Damage, Aircraft Damage
  • Missile Testing Operations
  • Impact Damage
  • Bursting and Overflowing of Water Tanks, Apparatus and Pipes
  • Subsidence and Landslide Including Rockslide
  • Bush Fire
  • Leakage from Automatic Sprinkler Installation

Fire Insurance कई कारकों पर निर्भर करता है जिसमें संपत्ति का वातावरण और परिवेश, Sum Insured और Property के साथ उपलब्ध परिचालन सुरक्षा सावधानियां शामिल हैं। भले ही अधिकांश Insurance Company आग के खिलाफ Coverage प्रदान करती हैं, लेकिन हर Insurance Company की Policy अलग हो सकती है। इसलिए, Policy खरीदने से पहले नियम और शर्तों (Terms & Conditions) को ध्यान से पढ़ें।.

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Doubts on Motor Insurance Policy

Motor Insurance के Doubts

हमें नयी मोटर पालिसी खरीदनी हो या हमारी पहले से ही कोई मोटर पालिसी चल रही हो, जब तक हम इस पालिसी को अच्छे से नहीं समझ लेंगे तब तक हम इसका पूरा लाभ नहीं ले पाएंगे।

हम यहाँ कुछ प्रश्नों का उत्तर दे रहे हैं जिनको पढ़ने के बाद आपके काफी सारे Doubts Clear हो जाएंग।

1. What is Third Party Insurance Cover :

यह Policy आपके वाहन द्वारा किसी तीसरे पक्ष को होने वाली किसी भी शारीरिक या संपत्ति क्षति के मामले में आपकी कानूनी देयता को Cover करती है। मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के अनुसार, प्रत्येक वाहन मालिक को Third Party Insurance लेना अनिवार्य है।

2. What is Comprehensive Insurance?

तीसरे पक्ष की देनदारी के अलावा, Comprehensive Insurance आपके वाहन को चोरी, तोड़फोड़ और आग से होने वाले नुकसान का भुगतान करती है। यदि आपकी Car या Bike को प्राकृतिक या मानव निर्मित आपदाओं जैसे Flood, Cyclones, Earthquakes, Riots आदि के कारण कोई नुकसान या क्षति होती है, तो यह आपको कवर करता है और आपके नुकसान की भरपाई करता है।

3. Cashless Claim क्या है और मैं इसका Benefit कहां उठा सकता हूं?

Cashless Claim Insurance Company द्वारा अपने Clients को दी जाने वाली एक Facility है। यदि आपके वाहन को कोई नुकसान या क्षति (Loss) होती है और Policy के तहत Cover किया जाता है, तो आपको Repair के लिए अपनी जेब से भुगतान करने की चिंता करने की आवश्यकता नहीं होगी। यह सुविधा Insurance Company के किसी भी Network Garage में प्राप्त की जा सकती है जिससे Insurance Company का Tie-up है। हालांकि, यदि आप Non-Network Garage में जाते हैं, तो आपको Repair का खर्च खुद वहन करना होगा और फिर उस राशि को प्राप्त करने के लिए Reimbursement का दावा करना होगा।

4. मोटर बीमा में Recommended Add-On Cover क्या हैं?

एक Comprehensive Insurance Policy के लिए आप Zero Dep./Nil Dep., Engine Protection Cover, Key Loss Cover, Return to Invoice जैसे Cover जोड़ सकते हैं। ये सब सुविधाएं Extra Premium देने पर ही प्राप्त की जा सकती है।

5. No Claim Bonus (NCB) क्या है?

इसके बारे में हम सबने जरूर सुना होग। No Claim Bonus Policy के पिछले वर्षों में कोई Claim नहीं करने के लिए Insurance Company द्वारा गाड़ी के मालिक को दिया जाने वाला इनाम है। यह इनाम Payable Premium पर Discount है और Insurance Company के आधार पर 20-50% तक होता है। यहां तक ​​कि अगर आपकी Policy की समय सीमा समाप्त हो गई है, तो भी आप NCB के लिए पात्र हैं, इसके लिए आपको पालिसी को 90 दिनों के अंदर Renew करवाना होगा।

6. मेरी Insurance Policy को Online Renew करने की प्रक्रिया क्या है?

Insurance Policy को Online Renew करना कुछ ही मिनटों की बात है। बस इन Steps का पालन करें:

– Insurance Company की Website पर Register/Login करें
– Renewal Form में अपनी कार या बाइक की जानकारी भरें
– Premium Quotation Receive करें और Online Payment करें।

Insurance Company द्वारा Policy की एक Soft Copy आपको तुरंत मेल कर दी जाएगी।

7. क्या होगा यदि दुर्घटना के समय मेरा वाहन कोई और चला रहा हो?

आपकी Motor Insurance Policy आपकी गाड़ी को कवर करती है। यदि आपका वाहन आपकी अनुमति से किसी अन्य व्यक्ति द्वारा चलाया जा रहा है, तब भी Insurance Company Sum Insured तक के नुकसान के लिए Claim Payment करने के लिए उत्तरदायी है बशर्ते चालक के पास वैध Driving Licence होना चाहिए।

8. किन परिस्थितियों में मेरा Claim Reject किया जा सकता है?

आपका दावा निम्नलिखित परिस्थितियों में Reject किया जा सकता है:
– यदि आप लापरवाही से या शराब या नशीली दवाओं के प्रभाव में गाड़ी चला रहे थे
– यदि आपने किसी निश्चित अवधि के लिए Insurance Policy की बीमा राशि समाप्त कर दी है
– यदि आपकी Policy Expire हो चुकी है।

9. Claim Settlement में कितना समय लगता है?

एक बार जब आप Insurance Company को सूचित कर देते हैं, तो आपको एक Claim No. प्रदान किया जाएगा। Required Documents जमा करने पर, आपके Claim को Policy के नियम और शर्तों के अनुसार एक निश्चित समय के भीतर Settle किया जाएगा।

10. Compulsory Owner/Driver PA Cover क्या होता है?

एक व्यक्तिगत दुर्घटना या PA Cover एक कार के मालिक को Insurance Company द्वारा दी जाने वाली एक Coverage है जो उसे किसी भी शारीरिक चोट, स्थायी विकलांगता या दुर्घटना के बाद मृत्यु होने की स्थिति में Claim प्रदान करता है। कार के मालिक के पास Valid Driving License होना चाहिए। Currently, सभी Car Owners को IRDAI द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार 15 लाख रुपये का PA Cover दिया जाता है।

यदि Insurance Company Claim Settle करने में आनाकानी करे ?

यदि Insurance Company Claim Settle करने में आनाकानी करे अथवा ज्यादा समय लगाए तो आप अपनी पालिसी में दिए गए फोन अथवा ईमेल पर इनकी शिकायत कर सकते हैं।

इस बारे में Free Legal Advise के लिए हमें कमेंट या Email कर सकते हैं।
Our Email ID is : advnaresh@gmail.com

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Health Insurance खरीदने से पहले

जी हाँ अक्सर बहुत से लोग ये सवाल पूछते हैं की हमें Health Insurance या Mediclaim Policy होने पर भी कंपनी पूरे पैसे नहीं देती ऐसा क्यों?

Health Insurance Be Aware Be Smart

दोस्तों, ऐसा इसलिए होता है की कंपनी का representative या Insurance Agent हमें policy के बारे में केवल अच्छी-अच्छी बातें ही बताते हैं और कुछ बातें वो बड़ी ही चालाकी से छुपा लेते हैं और नतीजा ये होता है Claim के समय हमारा बहुत सा पैसा काट लिया जाता है।

Deduction on Insurance Claims

हमें Health Insurance या Mediclaim Policy लेते समय या Policy को renew करवाते समय कुछ सवाल कंपनी के representative या Insurance Agent से जरूर पूछने चाहिए। आइये जानते हैं उन सवालों को :

1. पहला सवाल : को-पेमेंट (Co-Payment) कितना होगा ?

को-पेमेंट (Co-Payment) राशि का वह हिस्सा होता है जिसे Policy Holder को क्लेम के समय खुद वहन करना होता है यानि की Insurance Company उसके ईलाज के बिल से कुछ परसेंट पैसा काट लेती है। मान लीजिये अस्पताल का बिल 100 रूपए आया है तो कंपनी आपको 80 रूपए ही दे या 70 रूपए ही दे। यह आपकी की पालिसी की टर्म एंड कंडीशंस पर निर्भर करता है। इस बात को Policy लेते समय या Policy को renew करवाते समय Company या Insurance Agent छुपा लेते है। हालांकि सभी ऐसा नहीं करते लेकिन ऐसा करने वालो की संख्या बहुत अधिक है। इसलिए Insurance Company ya Insurance Agent से यह सवाल कीजिये और जागरूक ग्राहक बनिए !

2. मैंने कोई क्लेम नहीं लिया मेरा NCB कितना होगा ?

यदि हम अपनी Mediclaim Policy में पूरे साल कोई क्लेम नहीं लेते तो हम NCB यानी No Claim Bonus के हक़दार हो जाते हैं। मतलब हमारे क्लेम न लेने से इन्शुरन्स कंपनी की थोड़ी सी बचत हो गयी तो हमें भी तो कुछ फायदा मिलना चाहिए। NCB के रूप में कंपनी या तो Policy Renew करवाते समय प्रीमियम पर कुछ डिस्काउंट देती है या इन्शुरन्स कंपनी हमारे Sum Insured को बढ़ा देती है। सभी Insurance Company यह डिस्काउंट पालिसी की पहले से बताई गयी शर्तो यानी Policy की Terms & Conditions के आधार पर देती है। तो अगली बार अपना No Claim Bonus लेना ना भूलें।

3. मेरा policy में वेटिंग पीरियड कितना होगा ?

सबसे जरूरी बात जिसके बारे मैं या तो हमें पता ही नहीं है या हम पूछना ही भूल जाते हैं और इन्शुरन्स एजेंट इसे जान बूझ कर छुपा लेते हैं। हर Mediclaim Policy या Health Insurance Policy में एक वेटिंग पीरियड की शर्त होती है। नयी या Fresh Policy लेने पर पहले 3o दिनों तक कंपनी कोई क्लेम नहीं देती। हाँ, क्लेम यदि दुर्घटना या Accident का है तो उस पर यह शर्त लागू नहीं होती। और 3o दिन पूरे होने के बाद भी कुछ बिमारियों का क्लेम 2 साल तक नहीं मिलता और किसी किसी बीमारी में यह 4 साल तक रहता है। दो साल का वेटिंग पीरियड जैसे Cataract, Knee Replacement, Stone आदि में होता है और चार साल का पीरियड Heart Disease, Kidney Disease, Leaver Disease आदि की बिमारियों में रहता है।

आप Insurance Company से या अपने Insurance Agent से Waiting Period के बारे में सवाल जरूर करें। Different Policies और Insurance Companies में Waiting Period में कुछ अंतर हो सकता है लेकिन Waiting Period सभी Policies में होता है।

4. क्या रूम रेंट पर कैपिंग (Room Rent Capping) होगी ? यदि हाँ तो कितनी ?

कई स्वास्थ्य बीमा योजनाओं (Health Insurance Policy or Mediclaim Policy) के तहत, जब बीमा राशि 5 लाख रुपये तक होती है, तो पॉलिसी के तहत कमरे के किराए पर सीमाएं होती हैं। यह सीमा बीमा राशि के प्रतिशत के रूप में व्यक्त की जाती है और बीमा राशि के 1% से 2% के बीच होती है। उदाहरण के लिए, यदि बीमित राशि 5 लाख रूपए है और कमरे के किराए की सीमा बीमा राशि का 1% है, तो लागू सीमा 5000 रूपए प्रति दिन होगी।

रूम रेंट पर कैपिंग कितनी? यह सवाल भी आप अपने एजेंट से जरूर पूछे।

5. आनुपातिक कटौती (Proportionate Deduction) : अब ये क्या है ?

कई अस्पतालों में इलाज के लिए चार्जेज (Treatment Charges) और डॉक्टर की फीस कमरे के प्रकार के आधार पर ली जाती है। मतलब यदि कमरा महंगा लिया जाए तो डॉक्टर की फीस भी ज्यादा, जबकि डॉक्टर वही, बीमारी वही, हॉस्पिटल वही, दवाइयां वही बस कमरा महंगा तो ईलाज भी महंगा । IRDA कुछ तो गरीबों पर रहम करो। पता नहीं यह कौन सा नियम है? मान लीजिये यदि आपको एक सुइट रूम में भर्ती कराया जाता है तो इसकी लागत सामान्य कमरे में किए गए समान उपचार की तुलना में अधिक होगी। इसलिए, चूंकि अस्पताल कमरे के किराए के आधार पर अपनी लागत की कीमत लगाते हैं, इसलिए स्वास्थ्य बीमा कंपनियां ज्यादा कमरे के किराए वाले कमरों के लिए उच्च दावों का भुगतान नहीं करना चाहती हैं, और यह तब होता है जब योजना / Policy के तहत कमरे के किराए पर सीमा होती है।

यदि आपका वास्तविक कमरे का किराया सीमा से अधिक है, तो बीमा कंपनी अस्पताल में भर्ती होने की पूरी लागत का भुगतान नहीं करती है। यह उस लागत के अनुपात में बिल को कम कर देता है जो कि यदि आपने कमरे के किराए की सीमा के भीतर उपचार लिया होता तो खर्च होता। एक उदाहरण से समझते हैं-

उदारहण :5 लाख रुपये की बीमा राशि की Policy के लिए मान लीजिये कमरे के किराए की सीमा 1% यानि 5000 रूपए है। यदि आप ऐसे कमरे में इलाज चाहते हैं जिसका किराया 6000 रुपये है और कुल अस्पताल में भर्ती होने का बिल 1.5 लाख रुपये है, तो Claim की Calculation इस प्रकार की जाएगी-

रूपए 1.5 लाख * (5000/6000) = रूपए 1.25 लाख is the Payable Amount.

इसलिए यह सवाल भी आप अपने एजेंट से जरूर पूछे और न केवल पूछे बल्कि इसे अच्छे से समझें। यदि आपका एजेंट आपको इस Concept को अच्छे से समझा देता हो तो समझो आपको एक अच्छा एजेंट मिला हुआ है और आप उस पर भरोसा कर सकते हैं।

6. अगला सवाल बहुत ही महत्वपूर्ण सवाल है की मेरी पालिसी में किस चीज का पैसा नहीं मिलेगा यानि Exclusions क्या हैं ?

Exclusions

Exclusions शब्द सुनने में तो बहुत ही प्यारा सा लग सकता है लेकिन क्लेम होने पर यह आपकी जेब पर भरी पड़ सकता है । देखिये दोस्तों वैसे तो Exclusions यानि किस बीमारी का पैसा आपकी पालिसी के अंतर्गत पेयबल नहीं होगा यानि वो कौनसी बीमारी हैं जिनका क्लेम कमपनी आपको नहीं देगी। ये सवाल आपके लिए जानना बहुत ही जरूरी है। इसलिए आप अपने समझदार एजेंट से यह सवाल भी आप अपने एजेंट से जरूर पूछे।

7. मुफ्त चिकित्सा जांच

जी हाँ, यह सच है, आपकी Health Insurance Policy मुफ्त चिकित्सा जांच की अनुमति देती है। हालांकि, ऐसे कई लोग हैं जो यह नहीं जानते कि इसका लाभ कैसे उठाया जाए, जबकि लोग यह समझते हैं कि इससे प्रीमियम बढ़ सकता है।

यदि किसी पालिसी में 4 वर्ष तक कोई क्लेम नहीं है तो कुछ Insurance Companies Sum Insured का एक प्रतिशत खर्च (1 % of the Sum Insured) Rs. 5000 मेडिकल टेस्ट करने के लिए देती हैं। यदि Policy Holder Policy Renew के समय Sum Insured को बढ़ाना चाहता है तो बढ़ा सकता है।Medical Tests के परिणामों का पालिसी के प्रीमियम पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।

इन सवालो की लिस्ट बहुत ही लम्बी है लेकिन ये कुछ ऐसे सवाल है जिनका उत्तर हेल्थ पालिसी लेते समय जानना बहुत ही जरूरी है।

For More Information, please mail: nareshkumaruiic@gmail.com

धन्यवाद् !

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